इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 में उच्च शिक्षा के लिए परिकल्पित कई लक्ष्यों को पूरा करना है। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- अनुभव-आधारित शिक्षा और अनुप्रयोग-उन्मुख शिक्षण पद्धति प्रदान करना।
- छात्रों के बहु-विषयक और समग्र विकास पर बल देना।
- कल के लिए कॉर्पोरेट और उद्योग-तैयार प्रबंधक बनाने हेतु औद्योगिक प्रशिक्षण और इंटरफ़ेस प्रदान करना।
कार्यक्रम के लक्ष्य
इस कार्यक्रम में निम्नलिखित लक्ष्यों को पूरा करने की कल्पना की गई है:
- छात्रों को प्रबंधन के विभिन्न कार्यात्मक क्षेत्रों में प्रशिक्षण, सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण, लाइव प्रोजेक्ट और कैपस्टोन प्रोजेक्ट के माध्यम से उद्योग के लिए तैयार करना।
- अंतर्राष्ट्रीय अनुभव के द्वारा छात्रों को विश्व अर्थव्यवस्था की निरंतर बदलती गतिशीलता से अवगत कराना।
- खुशी, मानसिक स्वास्थ्य, भारतीय ज्ञान प्रणाली, फिल्में और दर्शन आदि विषयों पर पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों का सर्वांगीण विकास करना।
- जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम, पर्यावरण क्षरण, स्थिरता, चक्रीय अर्थव्यवस्था आदि जैसी बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के प्रति छात्रों को जागरूक करना।
- छात्रों को विविध क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए एक अच्छा मंच प्रदान करना।
अपेक्षित अधिगम परिणाम
पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद, छात्रों से निम्नलिखित की अपेक्षा की जाती है:
- प्रबंधन के विभिन्न कार्यात्मक क्षेत्रों और उनसे जुड़ी कार्यप्रणालियों के बारे में पर्याप्त ज्ञान प्राप्त करें, जो उन्हें किसी संगठन में विभिन्न स्तरों पर काम करने में मदद करेगा।
- जीवन और कार्यस्थल के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण रखें।
- वैश्विक व्यापार बाज़ार और उससे जुड़ी चुनौतियों को समझें।
- पर्यावरण और स्थिरता से संबंधित वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम बनें, जिससे सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिले।
- भारत और विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करें।