धौला कुआँ, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश में जीवंत परिसर विकास
पृष्ठभूमि
शैक्षणिक विकास सुदृढ़ अवसंरचना के साथ-साथ चलता है। इस संस्थान को इस क्षेत्र में नव स्थापित भारतीय प्रबंध संस्थानों में अग्रणी होने पर गर्व है। भारतीय प्रबंध संस्थान सिरमौर जुलाई 2024 में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के धौला कुआं स्थित अपने जीवंत परिसर में स्थानांतरित हो गया है।
दिनांक 15 अगस्त 2014 को हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने घोषणा की कि हिमाचल प्रदेश राज्य को आवंटित अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (भारतीय प्रबंध संस्थान) की स्थापना सिरमौर जिले के नाहन कस्बे के पास धौला कुआं में की जाएगी। सिरमौर जिले को हिमाचल प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में इसलिए चुना गया क्योंकि इस क्षेत्र में भारतीय प्रबंध संस्थान होने से स्थानीय आबादी की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
दिनांक 12 मार्च 2015 को , केंद्र सरकार की एक समिति ने संस्थान के जीवंत परिसर (वाइब्रेंट कैंपस) के लिए नाहन कस्बे के पास धौला कुआं में 1010 बीघा (210 एकड़) भूमि का चयन किया। तीन सदस्यीय केंद्रीय समिति की अध्यक्षता शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री शशि प्रकाश गोयल ने की, जबकि आईआईएम-अहमदाबाद के निदेशक प्रोफेसर आशीष नंदा और भारतीय प्रबंध संस्थान -लखनऊ के टास्क फोर्स प्रमुख प्रोफेसर भरत भास्कर अन्य दो सदस्य थे।
संस्थान का जीवंत परिसर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के धौला कुआं में अंबाला-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72 पर स्थित है। यह पांवटा साहिब से 15 किलोमीटर, चंडीगढ़ हवाई अड्डे से 103 किलोमीटर और देहरादून हवाई अड्डे से 97 किलोमीटर दूर है। निकटतम रेलवे स्टेशन यमुना नगर (60 किलोमीटर) और देहरादून (68 किलोमीटर) में हैं।
वर्ष 2017-2018 के दौरान इस स्थल का स्थलाकृतिक सर्वेक्षण किया गया था। आवंटित स्थल की स्थलाकृति लगभग समतल है, जिसमें पश्चिम से पूर्व की ओर बहुत हल्की ढलान है। आसपास के क्षेत्र में उत्तर में हिमालय पर्वतमाला और दक्षिण में शिवालिक पर्वतमाला जैसी प्राकृतिक विशेषताएं हैं। भूमि के उत्तरी भाग में फलों के बाग हैं।
जीवंत परिसर विकास
केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के आधार पर, भारत सरकार ने सितंबर 2018 में जीवंत परिसर (वाइब्रेंट कैंपस) के प्रथम चरण के विकास के लिए संस्थान के पक्ष में 392.51 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिसमें 600 छात्रों के लिए 60,384 वर्ग मीटर क्षेत्र का निर्माण शामिल है। कार्यस्थल पर भू-तकनीकी जांच सितंबर 2019 में पूरी हो गई थी। संस्थान को जीवंत परिसर (वाइब्रेंट कैंपस) के निर्माण के लिए 2019-2020 में विभिन्न अधिकारियों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य मंत्रिमंडल ने दिनांक 7 जनवरी, 2020 को हिमाचल प्रदेश के धौला कुआं में स्थित 1010 बीघा (210 एकड़) भूमि का स्वामित्व भारतीय प्रबंध संस्थान सिरमौर के नाम पर हस्तांतरित करने को मंजूरी दे दी है।
निर्माण स्थल पर 'भूमि पूजन' दिनांक 19 फरवरी, 2020 को भारतीय प्रबंध संस्थान सिरमौर की संस्थापक निदेशक प्रोफेसर नीलू रोहमेट्रा द्वारा संपन्न किया गया।
भवन निर्माण (चरण-1) की आधारशिला दिनांक 4 अगस्त, 2020 को रखी गई थी। चरण-1 के भवन निर्माण और विकास कार्यों का कार्य जुलाई / अगस्त 2020 में शुरू हो गया था।
जीवंत परिसर (वाइब्रेंट कैंपस) का निर्माण और विकास चरणबद्ध तरीके से योजनाबद्ध किया गया था। निर्माण के पहले चरण में लड़कों का छात्रावास, मिश्रित छात्रावास (लड़कियों + एफपीएम), रसोईघर सह भोजनालय परिसर, छात्र गतिविधि केंद्र, सैटेलाइट शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, छात्र कैंटीन, निदेशक निवास, संकाय निवास, गैर-शिक्षण स्टाफ निवास, सामुदायिक केंद्र, कक्षा परिसर, संकाय भवन, कंप्यूटर और संचार सेवा केंद्र, वर्चुअल लर्निंग / ऑडियो विजुअल सेंटर, केंद्रीय पुस्तकालय, सभागार / सम्मेलन केंद्र, एमडीपी केंद्र, प्रशासनिक परिसर, इनक्यूबेशन सेंटर, गेस्ट हाउस, स्वास्थ्य केंद्र, ध्यान केंद्र आदि शामिल थे। कैंपस विकास के इस चरण में शामिल अधिकांश सुविधाएं, जैसे कि कक्षाएँ, प्रशासनिक ब्लॉक, छात्रावास, मेस, छात्र गतिविधि केंद्र, संकाय आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं, पहले से ही पूर्ण और कार्यरत हैं।
स्थानों का संक्षिप्त डिज़ाइन:
विश्व स्तरीय संस्थान की परिकल्पना को दर्शाने और उसे संजोने के लिए अंतिम मास्टर प्लान और वास्तु डिजाइन को मंजूरी दे दी गई है, जिसमें हिमाचल प्रदेश की इमारतों, स्थानों और कलाकृतियों को शामिल किया जाएगा।
भारतीय प्रबंध संस्थान सिरमौर को पूर्णतया आवासीय आईसीटी-सक्षम परिसर के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसमें वाई-फाई का मजबूत नेटवर्क होगा। छात्रावासों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। 14 जी+3 मंजिला भवनों में 600 से अधिक छात्रों के रहने की व्यवस्था की गई है और एक अलग जी+3 मंजिला इमारत में 16 विवाहित छात्रों के रहने की व्यवस्था की गई है।
छात्रों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए, अन्य सुविधाओं के अलावा, छात्रावासों में कॉमन रूम, चाय / कॉफी जंक्शन, आगंतुकों के लिए गेस्ट लाउंज, रिसेप्शन लॉबी, वार्डन कार्यालय, पार्किंग क्षेत्र, इनडोर गेम्स रूम, आउटडोर गेम्स, रेस्ट रूम और पियाज़ा के रूप में अर्ध-बंद लॉन होंगे।
पूरा परिसर दिव्यांगजनों की सुगमता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सभी भवनों के लेआउट में रैंप और लिफ्ट की व्यवस्था की गई है ताकि दिव्यांगजन आसानी से एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक जा सकें। सभी भवनों की प्रत्येक मंजिल पर आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित शौचालय बनाए गए हैं। पूरे परिसर में 1.5 मीटर चौड़े पैदल मार्ग बनाए गए हैं। पैदल मार्गों के किनारे पर्याप्त विश्राम स्थल और बेंच भी उपलब्ध कराए गए हैं।
छात्र गतिविधि केंद्र को सभी छात्र गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें इनडोर व्यायामशाला, वॉलीबॉल कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट, टेबल टेनिस सुविधा, बिलियर्ड्स टेबल, स्क्वैश कोर्ट, संगीत कक्ष, व्यक्तिगत रचनात्मक गतिविधियों/शौकों के लिए गतिविधि कक्ष, वॉश/चेंजिंग रूम, लॉकर और कार्यालय शामिल होंगे। हॉस्टल और छात्र गतिविधि केंद्र के पास आउटडोर खेल के मैदान बनाने की योजना है। योजना में लॉन टेनिस कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट, क्रिकेट पिच वाले खेल के मैदान आदि भी शामिल हैं।
छात्रावासों के निकट ही वर्चुअल लर्निंग सेंटर बनाने की योजना है, जिसमें निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- आवश्यक सिस्टम और सॉफ्टवेयर, एवी उपकरण, आईसीटी, रिकॉर्डिंग रूम, एडिटिंग रूम आदि से सुसज्जित इंटरैक्शन स्पेस।
- रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सुविधा प्रदान करने के लिए सैटेलाइट शॉपिंग कॉम्प्लेक्स।
- छात्रों के लिए कैंटीन/कैफेटेरिया जिसमें अंदर और बाहर बैठने की सुविधा उपलब्ध है।
- आवश्यक चिकित्सा उपकरणों सहित स्वास्थ्य केंद्र।
एमडीपी केंद्र में अच्छी तरह से सुसज्जित बैठक कक्ष, पर्याप्त संख्या में पूरी तरह से वातानुकूलित कक्षाएं, कार्यालय स्थान और आवश्यक सहायक प्रणालियों और सॉफ्टवेयर तथा एवी उपकरणों आदि से सुसज्जित लाउंज होंगे।
अतिथि गृह (गेस्ट हाउस) में सुसज्जित वातानुकूलित स्टूडियो अपार्टमेंट होंगे, जिनमें एक साझा भोजन कक्ष, एक लाउंज और अन्य सामान्य सुविधाएं होंगी। गेस्ट हाउस के हिस्से के रूप में 20 से अधिक व्यक्तियों की बैठने की क्षमता वाला एक मीटिंग / सिंडिकेट कक्ष भी बनाने की योजना है।
संकाय सदस्य एवं कर्मचारियों के लिए आवास की योजना में संकाय निदेशक के निवास की व्यवस्था की गई है, जिसमें 47 संकाय सदस्य और 45 कर्मचारी सदस्य शामिल होंगे। संकाय एवं कर्मचारी आवासीय परिसर में सामुदायिक केंद्र और भविष्य में एक संकाय क्लब जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
भारतीय प्रबंध संस्थान सिरमौर समुदाय को ध्यान, योग आदि जैसी तनाव कम करने वाली गतिविधियों से जोड़ने के लिए एक ध्यान केंद्र की योजना बनाई जा रही है, ताकि परिसर में स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा दिया जा सके।
शैक्षणिक ब्लॉकमें निम्नलिखित भवन एक समूह में स्थित हैं।
- कक्षा परिसर
- पुस्तकालय
- कंप्यूटर केंद्र
- संकाय भवन
- सभागार
कक्षाओं की योजना अलग-अलग बैठने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। ऑनलाइन कक्षा के बुनियादी ढांचे और ई-लर्निंग की आवश्यकता को देखते हुए, कुछ कक्षाओं में सॉफ्टवेयर आधारित मल्टी-यूज़र वीसी समाधान की व्यवस्था की गई है ताकि दूरस्थ स्थानों से भी छात्र एक ही कक्षा में बातचीत कर सकें।
पुस्तकालय में पठन क्षेत्र, वर्कस्टेशन सहित ई-लर्निंग स्थान, संग्रहण स्थान, बैठक कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, आवधिक संग्रहण स्थान और अनौपचारिक शिक्षण स्थान शामिल होंगे। डिजिटल पुस्तकालय में पर्याप्त संख्या में ई-पुस्तकें, ई-पत्रिकाएँ, ऑनलाइन डेटाबेस, ऑनलाइन सेवाएँ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। स्व-जारीकरण / स्वचालित जारीकरण वापसी प्रणाली आदि के लिए ईएम-आरएफआईडी स्थापित करने की योजना है। ईआरपी समाधान भी समग्र योजना का हिस्सा हैं।
कंप्यूटर सेंटर में सर्वर रूम, डेटा, वॉइस, पिक्चर, नेटवर्क कम्युनिकेशन सेंटर, कंप्यूटर लैब और रिप्रोग्राफिक्स सेवाएं आदि की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
संकाय भवन में संकाय केबिन, संकाय के लिए समिति कक्ष, संकाय लाउंज, कार्यक्रम कार्यालय, परीक्षा कक्ष, शोध सहयोगियों और पीएचडी शोधार्थियों के लिए कार्यक्षेत्र आदि की व्यवस्था की गई है। दीक्षांत समारोह, सम्मेलन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन के लिए 500 सीटों की क्षमता वाला सभागार भी प्रस्तावित है। नवाचार एवं इनक्यूबेशन केंद्र, बैठक कक्ष, सम्मेलन कक्ष और प्रतीक्षा कक्ष सहित खुला कैफेटेरिया, अन्य योजनाओं के साथ विशेष सुविधाएं हैं।
प्रशासनिक ब्लॉक में निदेशक और डीन के कार्यालय होंगे। इस भवन में बोर्ड रूम, अकादमिक परिषद की बैठक का कमरा, कॉर्पोरेट संबंध और प्लेसमेंट कार्यालय, प्रवेश प्रकोष्ठ, प्रशासन, लेखा, जनसंपर्क, संपत्ति एवं निर्माण विभाग, भंडार एवं खरीद विभाग, सम्मेलन कक्ष, स्वागत कक्ष और प्रतीक्षा कक्ष आदि होंगे।




